कोरोना: खबरों से घबराएं नहीं, छोटे उपायों से बढ़ाएं मानसिक मजबूती

कोरोना: खबरों से घबराएं नहीं, छोटे उपायों से बढ़ाएं मानसिक मजबूती

कोरोना पर दुनियाभर से रही खबरों ने लोगों को बेचैन कर दिया है। जिन्हें संक्रमण है वह तो परेशान तो हैं ही, अन्य लोग भी डरे हुए हैं। इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी लोगों को मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है। अकेलेपन और ऐसे ही दूसरे मानसिक विकारों से जूझ रहे लोगों के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि वो अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। आइए जानें कि हम अपने मानसिक स्वास्थ्य को इससे प्रभावित होने से कैसे बचा सकते हैं?

कोरोना से जुड़ी खबरें कम पढ़ें
ब्रिटेन की संस्था चैरिटी माइंड की प्रवक्ता रोजी वेदरले कहती हैं कि कोरोना से जुड़ी कई तरह की खबरें रही हैं, अफवाह भी हैं। तनाव बढ़ाने वाली इन खबरों को पढ़ने से आप बेहद बुरे परिणामों के बारे में सोचने लगते हैं। अपने और परिजनों की चिंता सताने लगती है। इससे आप बेचैन हो सकते हैं और आपके विचार नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। इसलिए ऐसी खबरें कम पढ़ें।

सोशल मीडिया से दूरी बनाएं
सोशल मीडिया पर तरह-तरह के हैशटैग चलते रहते हैं। उनकी तह तक जाने की कोशिश में कई बार आप गैर प्रमाणिक और फालतू सूचनाओं से रूबरू होते हैं। कई बार आपको तेज गुस्सा आता है और आप निराशा के भाव में चले जाते हैं। सोशल मीडिया से आप दूर रहकर इससे बच सकते हैं। ट्विटर, फेसबुक पर उन एकाउंट को म्यूट कर दें जिनसे भड़काऊ या परेशान करने वाली जानकारी साझा की जा रही है। व्हाट्सएप पर ऐसे ग्रुप से बाहर निकल जाएं जिनमें भ्रामक सूचनाएं रही हों।

हाथ धोएं लेकिन बहुत बार नहीं
कई बार लोगों में डर बैठ जाता है और वह स्वच्छता के लिए बार-बार हाथ धोते हैं। डॉक्टर भी बचाव के लिए लगातार हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं लेकिन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है बहुत बार हाथ धोने की आदत मानसिक बीमारी के रूप में तब्दील हो जाएगी। इसलिए स्वच्छता के लिए हाथ धोएं लेकिन बहुत बार नहीं।  

अकेले हों, लोगों से जुड़े रहें
सेल्फ आइसोलेशन का मतलब पूरी दुनिया और परिवार से कट जाना नहीं है। यह अच्छा मौका है लोगों को फोन करने का और उन्हें बताने का कि आप उनका ध्यान रखते हैं। करीब तीन मीटर की दूरी बनाकर परिवार के साथ बैठें, उनसे बातचीत करें।

व्यायाम और मेडिटेशन करें
शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से आप निराशा से बाहर सकते हैं। इसलिए व्यायाम और मेडिटेशन करें। बच्चों के साथ खेल में सक्रिय रहें। दौड़ना, कूदना, सीढ़ियां चढ़ना, बास्केटबॉल या फुटबॉल खेलने को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 

अच्छा खाएं-खूब पानी पीएं
कोरोना का असर कई हफ्तों तक रह सकता है। दिमागी स्वास्थ्य बेहतर रहे इसके लिए जरूरी है कि आप खूब पानी पीएं। जब भी मुमकिन हो प्रकृति और सूर्य की रोशनी में जाएं। अच्छे से खाना खाएं और बिल्कुल घबराएं।

तनाव पहचानें
किसी भी बात को लेकर अनिश्चितता आपको चिंता में डाल सकती है। आप बेचैनी महसूस करने लगते हैं। आपको ऐसे हालात की पहचान करनी चाहिए। तुरंत प्रतिक्रिया करें और धैर्य बनाए रखें। लंबी सांस लें और चिंता बिल्कुल करें। खुद को बताएं कि यह केवल फालतू की चिंता है और इस पर कान देने की जरूरत नहीं है और यह केवल एक विचार है।

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